Monday, January 12, 2009

मनो कायिक रोग

योग-निकेतन

( दिनांक //२००९ का मनोकायिक रोगों से सम्बंधित शिविर )

योग - क्रियायें :-
ज्येष्टिकासन
हलासन - उत्तानपादासन
सर्वांगासन
मत्स्यासन
सुप्त-वज्रासन
पश्चिमोत्तानासन
योग - मुद्रा ( पूरक रेचक के साथ )
भुजंगासन ( गहरी श्वास प्रश्वास के साथ )
धनुरासन
१० कन्धरासन - उष्ट्रासन
११ मयूरासन
१२ गौमुखासन ( श्वसन के साथ )

१३ अर्धमत्स्येन्द्रासन
१४ अग्निसार
१५ उड्डयन - बंध ( त्रिबंध : जालंधर, उड्डयन मूल-बंध )
१६ तडागी मुद्रा
१७ ताडासन ( श्वास भरकर ऊपर हाथ उठाना )
१८ कटिचक्रासन
१९ सिंह - मुद्रा
२० शंशंकासन

अपने आप को, अपने विचारो को, स्वभाव को, द्रष्टिकोण को अपने प्रति और दूसरो के प्रति गंभीरता से समझाना।

श्वास - प्रश्वास के प्रति सजगता। बंद नेत्रों से आती जाती श्वास को देखना और गिनना ( ULTIMATE REMEDY )

१८ ओमकार - नाद योग
१९ भ्रामरी
२० कपाल - भांति भस्त्रिका - उड्डयन के साथ
२१ उज्जायी + जालंधर बंध
२२ अनुलोम - विलोम
२३ उदार - श्वसन : शवासन : योग-निद्रा : ध्यान ( अनेक प्रकार )

अति आवश्यक - शारीरिक, मानसिक विजातीय तत्वों को दूर करने की विधि

सत्कर्म

नेति
धौति - गज करनी
बस्ती
नौली - नौली चक्र
कपाल भांति
त्राटक - अन्तः त्राटक

मुद्रा

महा मुद्रा
विपरीत करनी
खेचरी

शाम्भवी मुद्रा

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